You are currently viewing 5 Crazy facts Personal Financial Planning पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग
Personal Financial Planning पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग

5 Crazy facts Personal Financial Planning पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग

विषयसूची / Table of Contents

Personal Financial Planning पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग

Personal Financial Planning पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग  क्या है ?

पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को अपने भविष्य के जीवन में आने वाली जरूरतों के लिए धन की व्यवस्था करने का प्रावधान है | भारतीय परिस्थितियों में सामान्यतः कोई भी व्यक्ति अपने पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग अपने परिवार से मिली शिक्षा पर ही निर्भर होता है | यहां एक विडंबना ही होती है यदि उसके परिवार में किसी को पैसे के मामलों की अच्छी जानकारी नहीं है तो वह व्यक्ति भी इस जानकारी के अभाव की कीमत पूरे जीवन भर चुकाता रहता है, और इतना ही नहीं उसके आगे आने वाली पीढ़ी भी उस व्यक्ति के ज्ञान के इस अभाव की कीमत आजीवन चुकाते रहेंगे | ये किसी न किसी को तोडना ही होगा |

किसी भी व्यक्ति के जीवन में भविष्य में जो जरूरत है पड़ने वाली है उनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं

सुखद जीवन के लिए धनराशि की आवश्यकता                       

  • धन संचय
  • बच्चों उच्च शिक्षा
  • बच्चों की शादी
  • एक प्यारा सा घर
  • और अपने रिटायरमेंट के लिए पेंशन की समुचित व्यवस्था
  • और टैक्स सेविंग

किसी भी व्यक्ति के पास अपने जीवन में जब जब यह पड़ाव आए तब तक उसके पास इन सब के लिए आवश्यक धनराशि होनी ही चाहिए | जो भी व्यक्ति इसकी व्यवस्था कर लेता है उसकी पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग बहुत अच्छी होती है अन्यथा उसे इन कामों को करने के लिए लोन / ऋण लेना पड़ता है | फिर बचा हुआ जीवन भर उस लोन / ऋण को चुकाना होता है | इसलिए यदि आप पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग में जानकारी नहीं रखते तो इसमें कोई बुराई नहीं है |

आप बाजार में आपको बहुत सारे लोग जो के पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग के विशेषज्ञ हैं से मिलकर बहुत कम फीस देकर इस विषय पर समुचित राय ले सकते हैं | इससे आपके जीवन के लक्ष्य बड़ी सरलता से पूरे हो जायेंगे | आप अपने आस – पास किसी CFP सर्टीफाईड फाइनेंसियल प्लानर से संपर्क कर सकते हैं |

Personal Financial Planning फाइनेंसियल प्लानिंग का महत्त्व

पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग की जरूरत क्यों है | देखिए अगर आप फाइनेंसियल प्लानिंग नहीं भी करेंगे तो भी आप जिंदगी में अपने जितने भी काम हैं उन्हें कर ही ले जाएंगे | अब बस फर्क इतना पड़ेगा कि बिना फाइनेंसियल प्लानिंग के आप अपनी पूरी जिंदगी अस्त-व्यस्त तरीके से निकालेंगे | जब भी कोई जरूरत होगी तो आप उसके हिसाब से लगाएंगे इतने पैसे की व्यवस्था आपके पास होगी नहीं  तो आपको उस काम  के बजट में कटौती करेंगे और उस काम को कम से कम पैसे में करने का प्रयास करेंगे |

इस कम से कम  पैसे कि भी आपको कंही से व्यवस्था ही करनी पड़ेगी | आपको ये पैसे को वापस चुकाने होंगे  औउए साथ ही इस पर ब्याज भी देंगे | अब चाहे आपने ये पैसा साहूकार से लिया हो बैंक से या रिश्तेदारों से लें इस पर कुछ न कुछ ब्याज तो देना ही पड़ेगा |

अब पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग का दूसरा तरीका क्या है ? दूसरा तरीका यह है कि जीवन में आने वाले सुनिश्चित खर्चों को अभी से समझ कर आंक लीजिये और इन खर्चो अभी से थोड़ा थोड़ा सा पैसा बचाना शुरू कर दीजिये |

इससे क्या होगा कि अगर आपके पूरे पैसे की व्यवस्था ना भी हो पायी  तो कम से कम आप को जो पैसा आपने अभी तक बचाया है उस पर एक तो आप ब्याज मिलेगी ही और दूसरा आपको कम पैसे का लोन / ऋण लेना पड़ेगा और ब्याज चुकानी पड़ेगी और तीसरा आपको कम पैसे का लोन लेना पड़ेगा जिसके कारण आप कम समय में कर्ज मुक्त हो जाएंगे |

अगर आप इस विचारधारा से सहमत हैं तो संभवत है आपको अपने भविष्य में आने वाली जरूरतों के लिए पैसा बचाना शुरू कर सकते हैं | इससे आपके ऊपर वित्तीय बोझ कम होगा | इससे आपका जीवन सुखद औउर आनंद पूर्ण होगा |

Benefits of Personal Financial Planning पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग के  फायदे

जब आप पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग करना शुरू करते है तो आपको इसके बहुत सारे फायदे होते है | इस सब के बारे में आपको यहाँ बताना संभव नहीं होगा फिर भी पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग

के अनेको फायदों में से कुछ इस प्रकार है :-

बचत में वृद्धि savings is Increased

जब आप पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग करते है तो एक बात तो निश्चित है कि आप बचत कर लिए अनुशाषित है | इसका फायदा आपको ये मिलेगा कि आप अब पाहिले की तुलना में ज्यादा पैसे कि बचत कर सकेंगे | इस कारण अब किसी भी समय आपकी बचत पाहिले से ज्यादा होगी | 

 बेहतर जीवन स्तर better standard of living

जो व्यक्ति एक अनुशाषित ढंग से पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग करता है उके पास भविष्य कि किसी भी जरूरत के लिए धनराशि कि व्यवस्था होती ही है | पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग करने वाला व्यक्ति को भविष्य की उतनी चिनत नहीं होती जितनी कि उस व्यक्ति को होती है जो कि पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग नहीं करता | इसका कारण है कि ऐसा व्यक्ति ज्यादा बेहतर जीवन जीता है |

आप भी शायद अपने जीवन स्तर को और अच्छा करना चाहते होंगे ? है न … तो शुरू करिये पर्सनल फाइनेंसियल प्लानिंग | 

 आपात परिस्थितियों कर लिए समुचित व्यवस्था Be ready for emergencies

एक ऐसा व्यक्ति जो फाइनेंसियल प्लानिंग करता है वो भविष्य में आंते वाले किसी भी आपातकालीन या इमरजेंसी परिस्थिति को सामान्य व्यक्ति कि तुलना में ज्यादा अच्छे से निपट सकता है | ऐसा इसलिए होता है क्योकि इनके पास उपलब्ध धनराशि उनके काम आती है |  आप भी इस केटेगरी को ज्वाइन कर सकते है |

 मन कि शांति peace of mind

जब भी आप किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार होते है तो आपको किसी तरह का तनाव नहीं होता | चूँकि आप हर तरह से किसी भी संयास का सामना करने के लिए तन मन और धन से तैयार होते है इसलिए तनाव आपसे दूर ही रहता है | यही भाव आपको मन कि शांति का मुख्य कारण होता है | तो अगर आप भी मन कि शांति और दिल में उल्लास कहते है तो फाइनेंसियल प्लानिंग शुरू करिये |

Steps of Personal Financial Planning फाइनेंसियल प्लानिंग के चरण

अब अगला सवाल यह है कि जो लोग फाइनेंसियल प्लानिंग करते क्यों हैं ? जो लोग फाइनेंसियल प्लानिंग करते है उनके मानस में क्या चल रहा होता है ?  सिर्फ एक चीज कि उनकी जिंदगी में सुनिश्चित  लक्ष्य उन्हें पूरे करने  हैं जो भी जिम्मेदारी उनके सामने हैं उन्हें वो सम्मानजनक ढंग से बिना कर्ज लिए  पूरा किया जा सके | इससे जो सबसे पहला फायदा होता है वह होता है आपका स्वाभिमान बना रहता है | दूसरा आपको किसी से कैसे लोन / ऋण ले कर उस पर ब्याज चुकाने की आवश्यकता नहीं होती है |

कोई भी सफल और समझदार व्यक्ति अपने भविष्य की जरूरतों के लिए अपने फाइनैंशल प्लान को बनाने इन चीजों को ध्यान में रखता है

  • लक्ष्य जिसके लिए पैसा चाहिए
  • इस लक्ष्य के लिए पैसे कितने पैसे की जरूरत होगी?
  • और इतने पैसे के लिए मुझे कितने पैसे बचाने होंगे ?
  • इस लक्ष्य के लिए मैं पैसे की बचत किस प्रोडक्ट से करूं ?

आइए इनको एक-एक कर समझ लेते हैं

लक्ष्य जिसके लिए पैसा चाहिए

जीवन में आपको किन लक्ष्यों के लिए पैसा बचाना चाहिए | इस पर मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि आप आपना जीवन जीने के लिए इच्छाओं और जिम्बेदारियों में से किसी को भी चुन सकते है | यदि आप अपनी इच्छाओं से अपना जीवन जीना चाहते है तो एक बात सुनिश्चित है, आप अपने जीवन में अपनी समस्त इच्छाओं को पूरा नहीं कर पाएंगे इसकी संभावना बहुत कम है |

आपने सुना ही होगा हरि अनंत हरि कथा अनंता यानी कि जिस प्रकार ईश्वर अनंत है इसी प्रकार हमारी इच्छाएं भी अनंत है जिन्हें पूरा करना आसान नहीं है | इसलिए अपने भविष्य की जरूरतों की व्यवस्था करने के लिए इस बात पर ध्यान देना |

जीवन मे कौन-कौन से काम हमारी जिम्मेदारी है |

उदाहरण के लिए साल में एक बार छुट्टियां मानना इच्छा हो सकता है पर जिम्मेदारी नहीं है | पर बच्चे को पढ़ाना जिम्मेदारी है इच्छा नहीं | आपको इसे पूरा करना ही होगा | बच्चों की शादी करना एक जिम्मेदारी है इच्छा नहीं |आपको पास इसे पूरा न करने का विकल्प ही नहीं है | आपके पास आप खर्चे में समझौता कर सकने का विकल्प तो हो सकता है पर नहीं करेंगे यह विकल्प आपके पास नहीं है |

तो हमें जो सोचना है इच्छाओं के बारे में नहीं जिम्मेदारियों के बारे में सोचना है | तो सबसे पहले कौन जिम्मेदारियों हमारे ऊपर है उनकी एक लिस्ट बनाएं एक सूची बनाएं |

इस लक्ष्य के लिए पैसे कितने पैसे की जरूरत होगी ?

आपके लक्ष्य के लिए कितने पैसे की जरूरत होगी यह पता करना थोड़ा सा मुश्किल है | आपको नहीं पता होता जब आप अपने इस लक्ष्य को पूरा कर रहे होंगे इस लक्ष्य में कुल मिलाकर कितना पैसा खर्च होगा | पर हां एक बात तो सुनिश्चित है इस लक्ष्य के लिए आवश्यक धनराशि की पूर्ति लगभग अनुमान लगाया जा सकता है,  यानी कि इस काम में कितने पैसे लगेंगे उसका लगभग खर्चा कितना होगा बात का अनुमान बहुत ही सहजता से आइए इस एक उदाहरण से समझ लेते हैं:-

माना कि अभी आपके बच्चे की उम्र 2 साल है और आप उसे डॉक्टर बनाना चाहते हैं | यह सुनिश्चित है कि आपका बच्चा जब 20 साल बाद उसकी पढ़ाई करने जाएगा तब उसकी पढ़ाई के लिए उतने पैसे में काम नहीं चलेगा जितने पैसे में कोई अभी डाक्चटर बन पा रहा है | हमें पता होना बहुत जरूरी है कि जब हमारा बछा डाक्टर बनने जायेगा तब उसे कितने पैसे कि जरूरत होगी |

इतने पैसे के लिए मुझे कितने पैसे बचाने होंगे

पिछले चरण में हम यह देख चुके हैं कि हमें बच्चे के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कितने पैसे की जरूरत होगी |  हम यह भी देख चुके हैं कि यह पैसे हमें कितने साल के बाद चाहिए होंगे | अब हम यह समझ पाएंगे अब हम यह निकाल पाएंगे कि इसके लिए हमें कितने पैसे बचाने होंगे ताकि जब मेरा बच्चा डॉक्टर बनने जाएगा तो उसके पास पर्याप्त धनराशि हो |

अब हमें कितने पैसे चाहिए, कितने साल का समय बाकी है यह पता होने के कारण सालाना बचाई जाने वाली धनराशि अनुमान लगाना बहुत आसान हो गया है | इसे और बेहतर समझने के लिए आप फाइनैंशल प्लानर से संपर्क कर सकते हैं या इस विषय पर उपलब्ध लेखों को पढ़कर स्वयं भी अनुमान लगा सकते हैं | थोड़े से प्रयास से ही आपको अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए कितनी धनराशि बचानी है ये जान लेंगे | इस तरह से कैलकुलेशन करके आप अपने लक्ष्य के लिए लगने वाली वास्तविक धनराशि का बहुत बड़ा अंश बचा सकते हैं |

इससे यह फायदा होगा अब बच्चे के सपने को पूरा करने के लिए आपको अगर व्यवस्था करनी पड़ी तो थोड़ी धनराशि की ही व्यवस्था करनी होगी | जो बहुत ही सहज होगा |

इस लक्ष्य के लिए मैं पैसे की बचत किस प्रोडक्ट से करूं ?

आप जब भी अपने घर से किसी जगह के लिए निकलते हैं जाने के लिए आप किस वाहन का प्रयोग करना चाहते हैं यह कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे इतनी दूर जाना है, आपको जहां जाना है वहां सड़के किस तरह की हैं, और आप कितना रिस्क ले सकते हैं |

ठीक ऐसे ही पैसे बचाने में भी इसी तरह के कुछ तथ्य बहुत बड़ी भूमिका होती है | ये तथ्य जैसे अपने हाथ में कितना समय है हमें कितने पैसे की जरूरत है और हमारे निवेश पर मिलने वाला रिटर्न या  ब्याज दर कितने प्रतिशत को इस आधार पर हम उत्पाद का चयन करते हैं |

आपकी वरीयता / Your Priorities

            एक बार जैसे ही आपनी जिम्बेदारियों कि सूची बना लेते है फिर हमें अगले स्टेज में जाना होगा | इस स्टेज में हम 4 चरण होता है | जो निम्न प्रकार है :-

लक्ष्य के लिए अनुमानित धनराशि का आकलन Valuation      

इसे हम पिछले चरण में कर ही चुके है  

आपकी लक्ष्य की सूची की वरीयता तय करना Prioritize

एक बार जब आपने अपनी लक्ष्यों की सूची तैयार कर ली है | अब इसमें कई सारे लक्ष्य होंगे | अब आपको इनका वैल्यूएशन यानी लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कितनी धनराशि कि जरूरत होगी निकालनी होगी (जो कि आप पिछले चरण में निकलना सीख चुके है ) | अब आपको करना यह है सारे लक्ष्यों के लिए एक साथ शुरुआत करने से बेहतर यह होगा कि आप इनमें से सबसे पहले किसी एक लक्ष्य को चुने और उसके लिए पैसे की बचत करना शुरू करे |

आपको अपने लक्ष्यों की सूची में से सबसे पहले किस लक्ष्य को का चुनाव करना है यह पूरी तरह से आपका ही निर्णय होगा |

आप अपने विवेक, जरूरत और बची हुयी अवधि के आधार पर इसका चयन कर सकते हैं | आप चाहें तो एक और चाहें तो एक से ज्यदा विकल्प भी चुन सकते हैं |जिसके अनुसार आप अपने निवेश को किन्ही दो या दो से ज्यादा लक्ष्यों के लिए, अपनी इच्छा के अनुसार समानुपात यानी के बराबर-बराबर या अपनी इच्छा के अनुसार दोनों या दो से ज्यादा लक्षणों में बाँट सकते हैं | यह पूरी तरह से आपका अपना निर्णय होगा | आपकी सोच भी हो सकती है कि पहले मैं एक लक्ष्य के लिए बचत कर लूं | तो आप एक लक्ष्य का चुनाव करें |

आपकी सोच यह भी हो सकती है कि मैं कई लक्ष्यों के लिए या सभी लक्ष्यों के लिए कुछ-कुछ पैसे बचाना शुरू कर दूं | आप इनमे से कोई भी सोच लेकर आगे बढ़ सकते है | इनमे में से कोई भी सोच गलत नहीं है | सभी सोच सही है जो आपको आपके लक्ष्य कि तरफ ही ले जाएगी | आपको इनमें से क्या सुनना है यह पूरी तरह से आपका अपना फैसला होगा | 

इस वरीयता पर काम शुरू करना Action

अगली चीज है आपकी चुने हुए फैसले के आधार पर काम शुरू करना | काम शुरू करने का मतलब यह है कि आप को कितने पैसे की बचत करनी होगी जिससे कि आपकी जिंदगी के लक्ष्यों में से इन लक्ष्यों के लिए की धनराशि का व्यवस्था हो सके |

यहां पर यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको एक बार तय कर लेने के बाद चुने गए उत्पाद में लक्ष्य के लिए आवश्यकता पडने तक लगातार निवेश करते रहना होगा | अगर आपने बीच में रोक दिया तो सुनिश्चित मानिए कि लक्ष्य के लिए आवश्यक धनराशि का व्यवस्था नहीं हो पाएगी | 

निवेश किसमें करें Where to invest

आपको अपने लक्ष्य के लिए चुनी गई राशि की व्यवस्था के लिए कहां निवेश करना है यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपके पास समय कितना है और आप अपने निवेश में जोखिम कितना ले सकते हैं | आप को ये भी ध्यान रखना होगा कि आपका निवेश आपकी जिम्मेदारी के लिए है या आपकी ख्वाइश के लिए  |

क्योंकि अगर यह आपकी जिम्मेदारी के लिए है तो आप इससे समझौता नहीं कर सकते और अगर यह आपकी ख्वाइश है और पूरी ना भी हो तो एक बार चलता है |

आपकी जिम्मेदारी का मतलब बच्चों की शादी बच्चों की पढ़ाई रिटायरमेंट के लिए पैसा इनमें किसी तरह का कोई समझौता नहीं हो सकता |

अब अगर यह आपकी जिम्मेदारी की श्रेणी में आता है तो इसका 60% हिस्सा आप जीवन बीमा से ही पूरा करें | बचा 40% हिस्सा पूरा करने के लिए आप जोखिम ले सकते हैं | जिसके लिए यूलिप से संबंधित उत्पाद या म्यूच्यूअल फंड की स्कीम्स में आप निवेश कर सकते हैं | इससे होगा यह कि इस काम के लिए जो धनराशि जरूरी है उसका 60% हिस्सा वह सुनिश्चित मिलेगा ही मिलेगा (आप के जीवित रहने की स्थिति में भी और आपकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की दशा में भी) | इससे जिम्बेदारी को ठीक तरह से पूरा किया जा सकता है |

अगर आपको कुछ ना हुआ (ईश्वर करे ऐसा ही हो) तो आपका काम शान से हो जाएगा | दोनों ही स्थिति में आपकी जिम्मेदारी बिल्कुल भी नहीं रुकेगी | आपको इससे समझौता नहीं करना पड़ेगा | बस निवेश करते रहना होगा |

इसके लिए एक और अवधारणा है जिसे सेव एंड क्रिएट और क्रिएट एंड सेव कहते है इसे भी समझना होगा |

आपको किस उत्पाद में निवेश करना है ये इस आधार पर चुनना होगा |

आज कल बाज़ार में कई बीमा कंपनियां कुछ इस तरह के उत्पाद भी देती है जिनमे मच्योरिटी पर मिलने वाली धनराशि सुनिश्चित होती है | ऐसा ही एक प्लान SBI लाइफ का भी है जिसका नाम स्मार्ट प्लेटिना एश्योर है |

इसी तरह के प्लान जिनमे मच्योरिटी पर मिलने वाली धनराशि सुनिश्चित होती है और साथ-साथ ही मृत्यु कि दशा में तुरंत बीमाधन का भुगतान और आगे पर प्रीमियम (यदि बचे है तो) भी माफ हो जाते है और मच्योरिटी पर भी पूरा पेमेंट का भुगतान होता है | न्यू एश्योरड वेल्थ प्लान फ्यूचर जनराली बीमा कंपनी का है इसके बारे में आप यहाँ से जान सकते है |

आप SBI लाइफ के प्रोडक्ट और फ्यूचर जनराली के प्रोडक्ट आप यहाँ से जान सकते है |

आशा करते है कि आपको ये लेख अच्छा लगा होगा और आपकी जानकारी में कुछ न कुछ नया जरूर आया होगा |

नीचे कमेंट करके अपनी प्रतिक्रिया जरूर बताइए |

This Post Has 2 Comments

Comments are closed.