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Personal Finance Management पर्सनल फाइनेंस मेनेजमेंट

3 Reasons Your Personal Finance Management (पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट) Is Broke

विषयसूची / Table of Contents

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) का परिचय

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) का आशय बस इतना सा है कि जब भी आपको आपकी किसी भी जरूरत के लिए पैसे चाहिए हो तब आपके पास उतना पैसा उपलब्ध हो और हाँ इसके लिए आपको ये सब न करना पड़े…..

  1. आपको किसी से उधार न लेना पड़े
  2. आपको अपने किसी एसेट को बेचना या गिरवी न रखना पड़े
  3. आपको अपनी किसी दूसरी जरूरत या इच्छा से किसी तरह से जरा सा भी समझोता न करना पड़े

अगर आप ऊपर के तीनो को किये बिना ही अपनी पैसे कि जरूरत को पूरा कर सकते है तो निश्चित ही आपका पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) बहुत अच्छा है |

पर सवाल ये है कि क्या ऐसा संभव है ? हाँ ऐसा बहुत हद तक संभव है | बहुत हद तक यानि कि पूरी तरह से संभव नहीं है | तो किस हद तक पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट किया जा सकता है कि मुझे जरूरत के समय पैसे के लिए परेशां न होना पड़े | अगर आपको इसे करना है तो एक बात यद् रखियेगा कि आप जितनी जल्दी पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट  कि शुरुआत करेंगे आपके लिए उतना ही बेहतर होगा | इसका ये मतलब नहीं है कि अगर आपने अब तक नहीं किया तो हाँ आप आज से ही इसकी शुरूआत कर सकते है | नहीं करने से बेहतर है कि आप देर से ही सही शुरूआत कर ही ले |

तो चलिए जानते है कि Personal Finance Management कैसे किया जा सकता है

अपने लक्ष्य के लिए पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management)

आपको अपने लक्ष्य के लिए जरूरी पैसे की व्यवस्था के लिए अपने लक्ष्य का सपना देखना है का मतलब ये है कि आप खुली आँखों से ये महसूस करे फील करे और देखे कि आपका ये लक्ष्य पूरा हो गया है और इस लक्ष्य के पूरा होने पर आप कितने प्रसन्न है | आप अपने भीतर से ख़ुशी को महसूस करें और कुछ समय के लिए इस ख़ुशी कि जिए |

फायदा इस तरह से जब आप अपने लक्ष्य को पूरा होने की ख़ुशी को जी लेते है तो आपका इस लक्ष्य के प्रति समर्पण बहुत बढ़ जाता है और इसके लिए आपकी बचत करते रहेंगे | यही कारण है आपके ऐसे लक्ष्य जिन्हें आपने पूरा होने कि ख़ुशी और संतुष्टि को महसूस किया होगा उनके पूरा होने की सम्भावना बाकि लक्ष्यों की तुलना में 50 % तक ज्यादा होती है | आप जिस लक्ष्य के लिए यह जितना ज्यादा करेंगे रिसल्ट का प्रतिशत उतना ही बढता जायेगा |

तो आज ही अपने लक्ष्य को जी लें ……

आपने लक्ष्यों कि सूची बनाइये

कहते है कि जो काम आपने लिस्ट में लिख लिए है उनके पूरा होने कि सम्भावना बहुत ज्यादा है | इस लिए आप अपने लक्य लिख लीजिये | लिखते समय केवल लिखने पर ध्यान दीजिये बस…. केवल इतना ध्यान दीजिये कि आपका कोई भी लक्ष्य इस लिस्ट से बचना नहीं चाहिए | ये मत देखिये कि क्या पहले होगा क्या बाद में … बस अपने हर लक्ष्य को इस लिस्ट में लिख दीजिये |

हर व्यक्ति के जीवन के लक्ष्य अलग-अलग होते है पर फिर भी यदि हम उन्हें सरसरी तौर से देखें तो संभवतय ये इस में आ ही जायेंगे :-

  • बच्चों की उच्च शिक्षा
  • बच्चों की शादी
  • एक अपना घर
  • समुचित पेंशन
  • और बाकि कुछ और इच्छाये जिन्हें आपने अभी तक पूरा नहीं कर पाए

अवधि Duration

आपका अपने हर लक्ष्य के लिये अलग पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) होगा जिसमे कई फैक्टर होंगे और इसमें से एक फैक्टर है समय अवधि | आपको आपके हर लक्ष्य कि लिए सटीक पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट बनाने के लिए उसे पूरा करने में कितना समय है आपको पता होना चाहिए | बताते चले कि समय जितना ज्यादा होगा बचायी जाने वाली राशि उतनी ही कम होगी और लक्ष्य पूरा होने कि संभवना भी बहुत ज्यादा होगी |

आज कितना पैसा चाहिए

अगर हमें अपने लक्ष्य के लिए एक मजबूत पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) करना है तो ये जरूर पता होना चाहिए कि अगर हम आज ही इस लक्ष्य को पूरा करें तो कितने पैसे कि जरूरत होगी | यहाँ हमें कुछ बातो का ध्यान रखना होगा कि आप अपने जीवन स्टार के अनुसार ही अनुमान लगाये और इस लक्ष्य को पूरा करने कि न्यूनतम या अधिकतम में से कोई भी नहीं बल्कि औसत को ही ले कर चलना है |

जरूरत के समय कितनी राशि चाहिए होगी

ऊपर बताये गए तरीके से आपने आज कि जरूरत निकल ली है पर समस्या तो ये है कि आपको इस पैसे कि जरूरत कुछ सालो  के बाद होगी | तब तक महगाई के कारण यह धनराशि बहुत कम हो जाएगी | तो आपको ये पता होना चाहिए कि जितने साल बाद आपको पैसे कि जरूरत होगी तक कितने पैसे की जरूरत होगी | इसे जानने के लिए आप किसी भी ओन लाइन कैलकुलेटर का प्रयोग कर सकते है |  ऐसे ही ओन लाइन कैलकुलेटरके लिए यहाँ क्लिक करिए

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) के अनुसार बजट फिक्स करना

हर व्यक्ति कि तरह ही आप भी अपनी आय के अनुसार ही पैसो कि बचत कर सकते है पर इस तरीके से आपके सपने पूरे होंगे इसकी सम्भावना कम ही होगी | आपको सपने के लिए जरूरी धनराशि न केवल बचानी होगी बल्कि निर्धारित समय तक लगातार बचाते रहना होगा |

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) में अक्सर लोगों से एक गलती होती है कि वो शुरूआत तो सफलता से कर लेते है पर लगातार बचत नहीं कर पाते | ऐसा इस लिए होता है कि वो जो तरीका अपनाते है वो है आय – खर्चे = बचत जबकि इसमें खर्चे कम ज्यादा होते रहने के कारण उनकी बचत भी किसी-किसीमहीने हो ही नहीं पाती और पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट का वचन टूट जाता है |

आपको ये मूल मंत्र अपनाना है आय – बचत = खर्चे

इसमें आपको अभी अपनी कुछ इच्छाओं को नियंत्रित करना पड़ सकता है, परआपका पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट  पूरी तरह से सफल रहेगा और आप विजयी |

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) से पहिले क्या ?

आपका पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट  बिना किसी व्यवधान के होता रहे इसके लिए ये बहुत जरूरी है कि आप इसे शरू करने के पहिले अपने भविष्य कि किसी आपात स्थिति के लिए एक इमरजेंसी फण्ड बना लें | ये फण्ड आपके 6 से 9 महीने के खर्चे के बराबर होना चाहिए | इसका फायदा ये होता है कि यदि कभी किसी कारण से आपकी आय कुछ समय के लिए रूक भी गयी तो भी आपको खर्चो और बचत के लिए चिंतित नहीं होना पड़ेगा और आपकी पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट  बिना किसी रोकावट के चलता रहेगा |

किस लक्ष्य के लिए पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) पहिले किया जाये ?

ये पूरी तरह से आपका अपना फैसला है, क्योकि आपकी जरूरतें और वरीयता आप ही तय कर सकते है | हर किसी के जीवन में ये अलग-अलग होंगी | तो आप अपने किस काम के लिए सबसे पहिले पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट  करना है इसे सुनिश्चित कर लीजिये |

कितना पैसा बचाना उचित होगा ?

आपको किसी भी लक्ष्य के लिए कितना पैसा बचाना होगा ये इन तीन बातों पर निर्भर करेगा :-

अवधि

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पैसो कि आवश्यकता कितने साल बाद पड़ेगी | अमूमन ये सबसे प्रभावी करक होता है |

उदाहरन

अगर रमेश जी को 10 साल में 10 लाख रु कि बचत करनी है, झना उनके निवेश पर 10% का रिटर्न आ रहा है | तो रमेश जी को इसके लिए सालाना 57041 रु की बचत 10 साल तक करनी होगी |

पर अगर इसी में अवधि को दोगुना कर दिया जाये तो निवेश कि जाने वाली धनराशि आधी रह जाएगी | पर वास्तव में ऐसा नहीं होता |

यदि अवधि दोगुनी कर दी जाये तो निवेश कि राशि 72 % कम हो जाएगी यानि कि  अब 57041 रु कि जगह केवल 15872 रु के (20 साल तक) निवेश पर ही  10 लाख की राशि मिलेगी | तो ज्यदा समय के लिए निवेश करिए |

रिटर्न

निवेश कि गयी राशि पर आपको कितना रिटर्न (ब्याज) मिल रहा है |  यदि निवेश पर मिलने वाले ब्याज कि दर को दोगुना कर दिया जाये तो क्या भी निवेश राशि में भरी गियावट होगी ? नहीं सिर्फ 44% कि ही गिरावट होगी |

निवेश राशि

आप किती धन राशि का निवेश इस लक्ष्य के लिए कर रहे है | बात सीधी सी है जितना ज्यादा निवेश उतना ही ज्यादा धनराशी मिलेगी |

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) का जादू

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) के जादू के बारे में भी आप जान ही लीजिये ये 3 जादू है ….

जल्दी शुरू करें

ऊपर हम देख ही चुके है कि आपकी अवधि जितनी ज्यादा लम्बी होगी आपका निवेश उतना ही कम होता जायेगा | कहने का मतलब ये है कि आप कम पैसे कि बचत करके भी अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकते है | यही जादू है |

लगातार बचत करे

लगातार बचत करने से एक बात तो ये होगी कि आपकी निवेश कि राशि ज्यादा होगी तो ये भी निश्चित है कि आप ज्यादा पैसे बचा सकेंगे | आपकी बचत आपके लक्ष्य कि लिए निर्धारित की गयी राशि के बराबर होगी तो आप अपने लक्ष्यों को बड़ी सहजता से पूरा कर सकेंगे |

निवेशित रहें

कई बार किसी परिस्थिति में आपको न चाहते हुए भी अपना निवेश रोकना पड़ता है | ऐसे में आप किसी भी परिस्थिति में अपना निवेश वापस न निकालें | अगर आपका निवेश किया गया पैसा अब भी निवेशित ही बना रहेगा तो भी आपके पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) के लिए अच्छा ही होगा |

सीखना मत रोकिये

जीवन में लगातार कुछ न कुछ नया हमारे सामने आता रहता है | अगर हम इसे समझ लेंगे तो हम न केवल इसका फायदा भी ले सकेंगे बल्कि औरो को भी इसका लाभ पहुंचा सकेंगे | अब सीखना क्या है ?

क्या सीखना है

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) के बारे में कुछ भी नया जो आपको नहीं आता | अगर आपको कुछ आता भी है तो उसकी और बारीकियां सीखिए | बारीकिय भी आती है तो लोगो को बताना सीखिए | अगर आप ये सब कर ले गए तो बस आपकी अपना पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट तो अपने आप ही हो जायेगा |

कहाँ से सीखना है

सीखने के लिए बहुत सारी  जगह है कही से भी सीखा जा सकता है | इनमे से कुछ इस प्रकार है :-

यू ट्यूब

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) ब्लॉग

गूगल

पिंटरेस्ट

पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट (Personal Finance Management) क्या नहीं सिखा सकता

अनुशासन

समय कि कीमत

भावनात्मक अलगाव

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